दूनिया को ध्वंस होने से बचाए - पर्यावरण की संरक्षण केसे करे ?

पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान ।
रिश्तों की अनूठी पहचान
महकेगा जीवन का उद्यान

पड़ोसी ने हमसे कहा, “निशानेबाज, अब तो शादी के कार्ड भी इकोफ्रेंडली या पर्यावरण के अनुकूल हो गए । जयपुर की आकांक्षा गोस्वामी और अंकित शर्मा ने अपनी शादी को स्पेशल और यादगार बनाने के लिए एक नया प्रयोग किया है । उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी गहरी सोच के मुताबिक शादी के विशेष कार्ड तैयार किए. यह कार्ड गेंदे के बीजों से बना हुआ है ।

इस कार्ड से गमले में पौधे उगाए जा सकते हैं." हमने कहा, “शादी का निमंत्रण पुराना हो जाने के बाद या तो रद्दी में डाल दिया जाता है या कचरे में फेंक दिया जाता है. शादी हो गई तो कार्ड का क्या मतलब रह जाता है?"  पड़ोसी ने कहा, "निशानेबाज, आकांक्षा और अंकित के विवाह का कार्ड ऐसा-वैसा नहीं है. इससे पौधा तैयार करना हो तो सबसे पहले निमंत्रणपत्र को 24 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें । इसके बाद जब यह कागज की लुगदी में बदल जाए तो इसे किसी गमले की मिट्टी में रोप दें । फिर इसे सूर्य की रोशनी में रखकर रोज पानी देते रहें ।

कुछ ही दिनों में गमले में मेरीगोल्ड यानी गेंदे का पौधा खिल उठेगा और बढ़िया पीले, सुनहरे फूल निकलेंगे." हमने कहा, "यह इको फ्रेंडली कार्ड तो सचमुच कमाल का है । अब तो तमाम शादियों के लिए ऐसे ही कार्ड बनने चाहिए । निमंत्रणपत्र में बाकायदा जानकारी छपी हो कि शादी के बाद इस कार्ड को फेंकें नहीं, इस चमत्कारी कार्ड से फूल उगेंगे । इससे रिश्तों की अनूठी पहचान होगी और जीवन का उद्यान भी महकेगा । इस कार्ड में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा गया है"।


पडोसी ने कहा, "निशानेबाज  जब ऐसी बात है तो जन्मदिन गृहप्रवेश, पार्टी या अन्य समारोहों के कार्ड भी ऐसे ही बीजयुक्त बनाए जाने चाहिए । इससे फूल खिलेंगे और लोग गाने लगेंगे-जब-जब बहार आई और फूल मुस्कुराए, फिर तुम याद आए!"


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