मुंह की सफाई में लापरवाही बन सकती है ये सब बीमारी का कारण

एम्स के डॉ.खरबंदा और लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रो. परवेश का दावा- मुंह की कैविटी में पनपने वाले बैक्टीरिया से दिल के ऊतकों को है खतरा 

चेतावनी :-
लंबे समय तक मुंह और दांतों की सफाई की अनदेखी लोगों को दिल की बीमारी का शिकार बना सकती है। देश के टॉप डेंटिस्ट का कहना है कि दांतों और मुंह का लंबे समय तक साफ नरहने से दिल की वॉल्व में सूजन की वजह बन सकते हैं।

एम्स के दंत रोग संस्थान के प्रमुख डॉक्टर ओ.पी खरबंदा का कहना है कि कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि मुंह की सफाई में लापरवाही से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

बैक्टीरिया खून में पहुंच जाते हैं :-
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में डेंटल के विभागाध्यक्ष प्रो. परवेश मेहरा का कहना है कि लंबे समय तक मुंह की सफाई न करने से मुंह की कैविटी में पनपने वाले बैक्टीरिया खून में प्रवेश कर सकते हैं और दिल के वॉल्व या ऊतकों में संक्रमण की वजह बन सकते हैं, जिसे इन्फेक्टिव एंडोकार्बाइटिस कहा जाता है।

अध्ययन से पता चला प्रो. परवेश के अनुसार, फ्रांस के कार्डिहृदय रोग विशेषज्ञों और डेंटिस्ट ओं ने ऐसे 131 मरीजों का अध्ययन किया था। डॉक्टरों ने पाया कि दिल की बीमारी वाले मरीज दांतों की गंभीर बीमारी से भी पीड़ित थे।

हृदय रोग से पीड़ित लोगों को खतरा :-
ज्यादा दिल की मांसपेशी की भीतरी परत और दिल के वॉल्व में सूजन को एंडोकाइटिस के नाम से जाना जाता है। इस तरह का बैक्टिरीया से होने वाला इन्फेक्शन किसी को भी हो सकता है लेकिन हृदय रोग से पीडित लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है। ये बैक्टीरिया लंबे समय तक एट्रियल फाइब्रिलेशन (अनियमित दिल की धड़कन) रहना हार्ट फेल का मुख्य कारण बन सकता है।

धमनी में सूजन आ सकता है :-
एम्स के प्रोफेसर डॉक्टर खरबंदा ने बताया कि संक्रमित मसूड़ों से निकलने वाले बैक्टीरिया प्रतिरोधक तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं और धमनी की दीवारों में सूजन ला सकते हैं या उसे संकुचित कर सकते हैं। इसके अलावा ये बैक्टीरिया धमनी में पहले से जमा चर्बी के साथ जुड़कर भी धमनियों को और संकुचित कर सकते हैं।

कब करें दांत साफ :-

👉दिन में दो बार दांत साफ करें

👉पेस्ट का अधिक मात्रा में इस्तेमाल न करें

👉सुबह नाश्ते के बाद और रात

👉सोने से पहले दांत साफ करना सबसे बेहतर है

👉बिस्कुट, चॉकलेट व अन्य प्रोसेस्ड फूड के सेवन से बचना चाहिए जिनमें चीनी और नमक की अधिकता होती है।

(लेडी हार्डिग मेडिकल कॉलेज के प्रो. परवेश मेहरा के अनुसार - )
तथ्य संग्राहक जीतेन्द्र सेठ - www.loveodia.com (Admin of the website)

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