करिअर में लाएं ताजगी का तड़का

अच्छी नौकरी मिलते ही लगता है जैसे जीवन सफल हो गया. नई नौकरी, नए साथी, नई जिम्मेदारियां पाकर उत्साह और खुशी का ठिकाना नहीं रहता, लेकिन नौकरी के 2 से 3 साल बाद ही करिअर में एक ठहराव आ जाता है. वही काम हमें अच्छा नहीं लगता है जिसे हम वर्षों से करते आ रहे हैं. अगर आप अपने काम में बदलाव लाना चाहते हैं तो इन उपायों को अपना सकते हैं:-

➧ कमी की भरपाई करें :-
कंपनी बदलने से बेहतर है कि शांत दिमाग से अपनी कमी और कमजोरी को जाना जाए. देखें कि किस जगह कमजोर हैं, क्या भाषा पर पकड़ नहीं है या किसी और भाषा की मांग या फिर तकनीकी ज्ञान या फिर व्यक्तित्व या ब्रांडिंग की. फिर जिस बात में कम हैं, उस कमी को शिद्दत के साथ जल्द से जल्द पूरा करें.

➧ हुनर बढ़ाने में डटे रहें :-
करिअर में ठहराव महसूस होने पर जरूरी है कि अपना कौशल बढ़ाया जाए. अगर आपकी वर्तमान भूमिका में विकास नहीं हो रहा है या आपकी कंपनी किसी भी पेशेवर विकास की पेशकश नहीं करती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप खुद के लिए अवसर नहीं बना सकते हैं. बिना नौकरी छोड़े भी अपने कौशल को बढ़ाया जा सकता है. इसके लिए एक गुरु की तलाश करें या फिर अपने करिअर से जुड़े छोटे-मोटे पाठ्यक्रम करें, प्रशिक्षण लें या फिर कार्यशाला में भाग लें. इससे नई चीजों की जानकारी होगी और आपका कौशल बढ़ेगा.

➧ बढ़ाएं भाषा ज्ञान :-
आज हर क्षेत्र में एक से अधिक भाषा का ज्ञान रखने वाले पेशेवरों की मांग है. अगर आपकी भी रुचि विदेशी भाषाओं को सीखने में है तो भाषा को ज्ञान अवश्य बढ़ाएं. हो सके तो बाजार की मांग के मुताबिक भाषा सीखें. इससे आपके काम में विविधता तो आएगी ही, साथ ही कंपनी में वाहवाही भी होगी.

➧ खुद की करें ब्रांडिंग :-
अच्छे कर्मचारी होने के साथ अगर आप बेहतर वक्ता, लेखक, प्रशिक्षक, ब्लॉग लिखते हों या अन्य कोई तकनीकी ज्ञान रखते हैं तो इस संदर्भ में कंपनी को जरूर बताएं. इसका फायदा यह होगा कि कंपनी आपको प्रशिक्षण या कंपनी की पत्रिका या ब्लॉग के कामों में भी लगा सकती है. इससे आपको कुछ अलग करने का मौका मिलेगा.

➧ ज्ञान जुटाते रहें :-
करिअर में आगे बढ़ने के लिए लगातार पढ़ने और सीखते रहने की भी जरूरत होती है. पढ़ने से मतलब कॉलेज की पढ़ाई से नहीं है, सीखने से है. इसलिए पत्र-पत्रिकाएं, अखबार, डिजिटल माध्यमों से ज्ञान लेते रहें, पढ़ते रहें. पढ़ना बंद होते ही सीखना बंद हो जाता है.