सोलह श्रृंगार का हेल्थ कनेक्शन

सोलह श्रृंगार का हेल्थ कनेक्शन

शादी के दिन जब दुल्हन सोलह श्रृंगार करती है, तो उसकी खूबसूरती और भी निखर जाती है लेकिन इसका महत्व सिर्फ सजने-संवरने के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई वैज्ञानिक तथ्य भी छिपे हैं. सोलह श्रृंगार का महिलाओं के स्वास्थ्य और सौभाग्य से गहरा संबंध है.

➤ शादी का जोड़ा
शादी का जोड़ा चुनते समय सुंदर और चमकदार रंगों को प्राथमिकता दी जाती है. जैसे- लाल, पीला, गुलाबी आदि. लाल रंग प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है. विज्ञान के अनुसार, लाल रंग प्रभावशाली है. इसलिए लाल रंग भावनाओं को नियंत्रित कर स्थिरता देता है.

➤ गजरा
गजरा प्राकृतिक श्रृंगार है. गजरा चमेली के सुंगंधित फूलों से बनाया जाता है और इसे महिलाएं बालों में सजाती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गजरा दुल्हन को धैर्य व ताजगी देता है. विज्ञान के अनुसार, चमेली की खुशबू तनाव को दूर करने में सबसे ज्यादा सहायक होती है.

➤ बिंदी
बिंदी दोनों भौंहों के बीच माथे पर लगाया जाने वाला लाल कुमकुम का चक्र होता है, जो महिला के श्रृंगार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. विज्ञान के अनुसार, बिंदी आज्ञा चक्र को संतुलित कर दुल्हन को ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक होती है.

➤ सिंदूर
सिंदूर सौभाग्यवती होने का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक है. यह शादी के समय दूल्हे द्वारा दुल्हन की मांग में भरा जाता है. विज्ञान कहता है कि सिंदूर महिलाओं के रक्तचाप को नियंत्रित करता है. साथ ही शारीरिक तापमान को नियंत्रित कर उसे ठंडक देता है और शांत रखता है.

➤ काजल
काजल महिला की आंखों व रूप को निखारता है. विज्ञान की नजर में, काजल आंखों को ठंडक देता है. आंखों में काजल लगाने से नुकसानदायक सूर्य की किरणों व धूल-मिट्टी से आंखों का बचाव होता है.

➤ मेहंदी
सोलह श्रृंगार में मेहंदी महत्वपूर्ण मानी गई है. विज्ञान के अनुसार, मेहंदी दुल्हन को तनाव से दूर रहने में सहायता करती है. मेहंदी की ठंडक और खुशबू दुल्हन को खुश व ऊर्जावान बनाए रखती है. चूड़ियां सुहागन का सबसे महत्वपूर्ण श्रृंगार हैं.

Post a Comment

0 Comments