बुजुर्गों को कैसे दे स्पेशल केयर ?


➤ इलेक्ट्रिक उपकरणों का करें इस्तेमाल
  • कमरे को गर्म रखना है तो इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल करें. छाती और पीठ पर गर्म तेल की मालिश करने से राहत मिलती है. सर्दी, जुकाम, खांसी के साथ ही शरीर का तापमान सामान्य से कम होने की आशंका रहती है. इस स्थिति को हाइपोथर्मिया कहा जाता है. 
  • यदि बजर्ग को लगातार कंपकंपी बनी हई है तो उनके शरीर को गर्म रखना जरूरी है. हथेलियों और पांव के तलवों की मालिश करें. उन्हें बार-बार ठंडे पानी के सम्पर्क में न आने दें. नाक बंद होना, नाक लगातार बहना, बार-बार छींक आना, कफ वाली खांसी आना, गले में खराश, शरीर में दर्द, हल्का बुखार, सीने में तकलीफ और सांस लेने में परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
  • यदि घर में कोई बुजुर्ग सदस्य हैं, तो ठंड के मौसम में उन्हें स्पेशल केयर की दरकार होती है. ठंड लगना कोई बीमारी नहीं है, लेकिन एक लक्षण है जो किसी अन्य बीमारी का कारण बन सकता है. इस मौसम में ठंडी हवा या ठंडा पानी किसी को भी बीमार कर सकता है.
  • ज्यादा उम्र होने पर शारीरिक क्षमता घट जाती है, हाथ-पैर तेजी से नहीं चलते हैं, इस कारण शरीर में कम गर्मी पैदा होती है. इसकी वजह से ठंड में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानें ठंड में बुजुर्गों को होने वाली समस्याएं और उनसे बचने के तरीके : -
➤ सांस की परेशानी
  • बुजुर्गों को ठंड में होने वाली सबसे सामान्य समस्या है सांस की परेशानी. यदि यह पुरानी समस्या है तो ऑक्सीजन के अन्य विकल्प तैयार रखें. कमरे को पूरी तरह बंद न करें. आग या धुआं न करें. 
➤ हार्ट अटैक की आशंका
  • सर्दियों में हार्ट का काम बढ़ जाता है. रक्त गाढ़ा होने से रक्त कोशिकाएं सिकुड़ जाती हैं और हार्ट को ज्यादा पम्पिंग करनी पड़ती है. यही कारण है कि सर्दियों में हार्ट अटैक की आशंका भी ज्यादा रहती है. जिन बुजुर्गों में हार्ट संबंधी कोई बीमारी है, उनका खास ख्याल रखना जरूरी है. दवाएं सही समय पर दी जाएं और खानपान का पूरा ध्यान रखा जाए. कोशिश की जाए कि वे एक्टिव रहें.


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