वास्तु दोष दूर करने के उपाय


वास्तु दोष दूर करने के उपाय

पूजा घर में देवी-देवता की एक से अधिक मूर्ति या चित्र न लगाएं अन्यथा कलह-क्लेश की संभावना बनी रहती है.

  देवी-देवताओं के चित्र कभी भी नैऋत्य कोण में नहीं लगाने चाहिए अन्यथा कोर्ट-कचहरी के मामलों में उलझ सकते हैं.

 लगातार धन-वृद्धि चाहिए, तो तिजोरी का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर ही होना चाहिए. इस स्थान पर कोई भी सुगंधित द्रव्य नहीं रखना चाहिए.

 घर के मुख्य द्वार पर ईशान कोण में तुलसी का पौधा रखें. प्रतिदिन सुबह जल अर्पित करें. सायंकाल में घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्ज्वलित कर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 11 बार जप करें. धन और सुख
शांति की प्राप्ति होगी.

 यदि भिक्षुक को भिक्षा देनी हो तो घर से बाहर आकर ही दें, अन्यथा अनहोनी हो सकती है. यदि दान-दक्षिणा देनी हो तो घर के मध्य भाग को चुनें.

 पढ़ते समय बच्चों का मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए. स्टडी टेबल के सामने खिड़की नहीं होनी चाहिए. इससे बच्चों का ध्यान पढ़ाई में नहीं लग पाता.

 घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष है तो घर की छत पर तुलसी का पौधा गमले में लगाएं. ऐसा करने से घर में बिजली गिरने का भी भय नहीं रहता.

 घर के द्वार खुलने और बंद करते समय कर्कश ध्वनि नहीं आनी चाहिए. कर्कश ध्वनि पारिवारिक सदस्यों में वैचारिक मतभेद एवं कटुता की सूचक होती है.

 कभी किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने हों तो अपने ही पेन का प्रयोग करें. इससे जीवन में स्थायित्व आता है.

 दक्षिण की दीवार पर कभी भी दर्पण न लगाएं. दर्पण सदैव पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर ही होना चाहिए.

  घर के किसी भी कोने में सीलन नहीं होनी चाहिए और न ही घर के किसी भी कोने में रात को अंधेरा रहना चाहिए.

(नोट - वास्तु एक्सपर्ट से अवश्य सलाह लें.)

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