मकर राशि में शनि की एंट्री - किसका चमकेगा भाग्य ?


मकर राशि में शनि की एंट्री - किसका चमकेगा भाग्य  ?

शनि 24 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं. शनि 30 वर्षों बाद स्वराशि मकर राशि में आए हैं. इस समय शनि धनु राशि में गोचर है अब दोबारा धन राशि में आने के लिए शनि को 30 वर्षों का समय लगेगा. शनि जिस राशि में गोचर करते हैं तो राशि क्रम के हिसाब से उस राशि के आगे और पीछे वाली राशि पर भी अपना असर डालते हैं. इस तरह से शनि एक राशि पर साढ़े सात साल तक रहते हैं. इस साढ़े सात साल के समय को ही शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है. फिर जैसे-जैसे शनि आगे बढ़ता है साढ़ेसाती उतरती जाती है. शनि जब गोचर में जन्म राशि से चतुर्थ और अष्टम भाव में रहता है तब इसे शनि की ढैय्या कहते हैं.


मेष राशि : मकर राशि में शनि का गोचर आपको रोजगार के कई नए-नए अवसर प्रदान करेंगे. देश-विदेश में आपको नए मौके मिलेंगे. प्रॉपर्टी खरीदने और नए निवेश के लिए यह सही समय है.

वृष : आपकी राशि से नवम भाग्य भाव में गोचर शनि का चांदी के पाए पर होकर गोचर करना अति भाग्यवर्धक सिद्ध होगा. पिछले ढाई साल से चल रही शनि की ढैय्या समाप्त हो चुकी है जिससे आपकी परेशानियां खत्म होने के संकेत हैं. साल 2020 वृष राशि के जातकों के लिए शुभ है. आय बढ़ाने के संकेत हैं.

मिथुन : शनि के मकर राशि में प्रवेश करने से मिथुन राशि वालों के ऊपर शनि की ढैय्या शुरू हो गई है. वर्ष पर्यंत आपको अपने कार्य तथा निर्णय बहुत सावधानीपूर्वक करने होंगे. ढाई साल चुनौतियों से भरे रहेंगे. नौकरी के मामले में साल 2021 कुछ अच्छे परिणाम नहीं लेकर आएगा.

कर्क: आपकी राशि से सप्तम भाव में शनि का गोचर कई मायनों में आपकी परीक्षा लेगा और कार्य अथवा व्यापार की दृष्टि से आपको सफल भी बनाएगा. ये अष्टम भाव के स्वामी भी हैं इसलिए कार्य बिना रुकावटों के संपन्न कर पाना आसान नहीं होगा. साल 2020 के मुकाबले 2021 में ज्यादा प्रगति होगी.

सिंह : आपकी राशि से छठे शत्रुभाव में शनि का गोचर अप्रत्याशित परिणाम दिलाने वाला सिद्ध होगा. तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में शनि गोचर कर रहे हों या किसी भी जातक की जन्मकुंडली के इन भावों में बैठे हों तो सभी अरिष्टों का शमन करते हुए उसे जीवन के सर्वोच्च शिखर तक पहुचाते हैं.

कन्या : शनि के मकर राशि में प्रवेश से शनि की शनि की ढैय्या समाप्त हो गई है. शनि की ढैय्या का उतरना
आपके लिए शुभ परिणाम लाएगा. आय में बढ़ोतरी होगी. व्यवसाय में तरक्की और यश की प्राप्ति होगी.

तुला: मकर राशि में शनि का गोचर होने से तुला राशि पर चतुर्थ शनि की ढैय्या शुरू हो चुकी है. तुला राशि के जातकों पर शनि की विशेष कृपा रहती है. शनि की ढैय्या शुरू होने से कार्यों का दबाव रहेगा. सेहत से जुड़ी कुछ
तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है..

वृश्चिक : शनि मकर राशि में प्रवेश करने से वृश्चिक राशि से शनि की साढ़ेसाती की अवधि पूरी हो गई. शनि
के मकर राशि में जाने से अब से आपको सभी तरह की सुख सुविधा प्राप्त होने लगेगी. रुका हुआ काम पूरा होगा. भाग्य का साथ मिलता रहेगा. नौकरी और अपना बिजनेस करने वाले जातकों के लिए शनि का मकर राशि में गोचर शुभ परिणाम देगा.

धनु : शनि के मकर राशि में प्रवेश करने से धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण है. शनिदेव आपके धन स्थान से गोचर कर रहे हैं. जिस कारण से आपको धन के मामले में सफलता प्राप्त होगी.शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण होने से परेशानियां कम होने लगेंगी.

मकर: शनि के मकर राशि में आने शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हो गया है. जिससे कार्यक्षेत्र पर दबाव बढ़ेगा और परेशानियां पहले के मुकाबले ज्यादा आएंगी. शनि का दूसरा चरण बहुत ही घातक होता है.

कुंभ : कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण रहेगा. परेशानियां बढ़ने लगेंगी.

मीन : शनि के मकर राशि में गोचर से आपके लाभ भाव में गोचर करेंगे. जिस कारण से शनि के शुभ परिणाम मिलते हैं.

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